Description of "Do Shabd Tumhare Liye"
This collection of Hindi Poems, published anonymously, comes straight from the heart of someone deeply in love. Lovers would identify with it. The poems speak for themselves. They can be read at http://flyingbird83.blogspot.com/.
Book Details
Number of Pages:
94
Dimensions:
A5 Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)
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25 February 2009 - 7:23am
संकलन का शीर्षक निस्संदेह इस कविता संग्रह की कविताओं को चरितार्थ करता है। न तो मैं कोई भाषाविद हूँ और न ही कविताओं का परखी, पर ये भी सत्य है कि साहित्य मर्मज्ञ होने के लिए किसी विषाराद आथवा स्नातक कि भी आवश्यकता नहीं। एक ऐसे ही अन्य पुरूष कि भांति मैंने इन कविताओं का आस्वादन किया और मुझे ऐसा लगा जैसे ये संबोधन, ये शब्द सबकुछ मेरे लिए हो - उस आज्ञात प्रेयसी कि ओर से जिसका इंतज़ार वो जन्मों-जन्मों से कर रहा हो। किसी नारी के हृदय की धड़कन और अभिव्यक्ति किसी पुरूष को कैसे विह्वल कर सकती है अगर इसे जानना हो तो इस संकलान कि चंद कवितों को आज़मा कर देखें। आधुनिकता कि इस चरमोत्कर्ष पर अगर आप प्रेयेसी की सुरभि पाना चाहते हों तो इस संकलन के दो चार पन्ने अवश्य पलट कर देखें। पर हाँ, यहाँ तक तो सिर्फ़ शीर्षक का दो ही शब्द चरितार्थ होता है - "तुम्हारे लिए"। बाकि "दो शब्द" का क्या?
जैसा कि मैंने पहले ही कहा कि इस संकलन का शीर्षक निस्संदेह इस कविता संग्रह की कविताओं को चरितार्थ करता है तो "दो शब्द" का शीर्षक में होना भी युक्तिसंगात प्रतीत होता है। अगर आप कवितों को एक तरफ़ से पढ़ना शुरू करेंगे तो उनमे क्रमबद्धता का आभाव पाएँगे। ये कवितायें अलग-अलग समय मैं उठे भावावेग को शब्दों मैं सुसज्जित करने का प्रयत्न प्रतीत होती है। इस संकलन में कविताओं को क्रमबद्ध आथवा वर्गीकृत करने के प्रति कवियत्री का कोई आग्रह नहीं है और यही प्राकृतिक प्रस्तुति "दो शब्द" के इंगित पर सटीक बैठती है।
इन कविताओं को पढ़ने के बाद मैं कई बार http://flyingbird83.blogspot.com/ पर भी गया और वहाँ पर आए आगंतुकों की टिप्पणियों को भी पढ़ा। एक टिपण्णी जहाँ कवित्री को अपना नाम देने हेतु बारम्बार आग्रह किया गया है, उस सम्बन्ध में मैं आपनी तरफ़ से ये जोड़ना चाहूँगा कि ऐसा करना इस संकलन पर ग्रहण के सदृश सिद्ध होगा। कवित्री का अनामिका होना इस पूरे संकलन की प्रस्तुति का एक अभिन्न अंग है। कवित्री का अनामिका होना पाठक को कविताओं के साथ जुटने का एक नया आयाम प्रस्तुत करता है। अगर ऐसा न होता तो शायाद सभ्यतावश ही सही, कवित्री को आपनी प्रेयसी के रूप में उदघोषित करने का सहास नहीं जुटा सकता।