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सोने की चिड़िया कहाँ गई?

सोने की चिड़िया कहाँ गई?

by BIRENDRA RAJAK (write a review)
Type: Print Book
Genre: Drama/Play
Language: Hindi
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Description of "सोने की चिड़िया कहाँ गई?"

आज की समस्या: आज चारों ओर बहुराष्ट्रीय कंपनियों, भ्रष्ट नेताओं, भ्रष्ट अफसरों ने देश में लुटतंत्र स्थापित कर रखा है।और हमारी शिक्षा व्यवस्था अथवा पत्रकार बंधुओं के द्वारा इस लुटतंत्र के बारे में कोई जागरुकता नही फैलायी जा रही है। हमारी न्याय व्यवस्था एवं पुलिस व्यवस्था भी इस लुटतंत्र को खत्म करने में अबतक सफल नहीं हो पायी है। इसका मुख्य कारण भ्रष्ट नेता एवं भ्रष्ट अफसर हैं। जबतक हमारे नेता भ्रष्ट रहेंगें तबतक ये भ्रष्ट अफसर नही सुधर पायेंगें। क्योंकि ये भ्रष्ट नेता अपनी आमदनी के लिए इन अफसरों को भ्रष्टाचार करने के लिए मजबुर करते हैं। चुनाव जितने के लिए ये राजनीतिक पार्टियाँ हजारों करोड़ों रुपये चंदे के रुप में बड़े बड़े उद्योगपतियों से लेते हैं और चुनाव जितने के बाद इन्ही उद्योगपतियों के लिए ये काम करते है, ऐसे में आम आदमी की सुध लेने वाला कोई नहीं बचता। आजादी के 68 साल बितने के बाद भी जनता को आजतक मूलभुत सुविधायें भी नही मिल पा रही हैं। जनता एक दिन के लिए मालिक बनती है, बाकि दिन ये धनकुबेर लोग राजा बने रहते हैं। अब सभी लोग जान चुके होंगे कि सभी प्रकार के भ्रष्टाचार की जड़ राजनीति ही है, जब अच्छे नेता सांसद अथवा विधायक बनने लगेगें तो ही व्यवस्था सुधर सकती है। और अच्छे लोग तबतक नही आएँगें जबतक की राजनीति में काले धन का प्रयोग बंद ना हो। हमारे समाज के अच्छे लोग पैसों की कमी से चुनाव नही लड़ पाते हैं।
समाधान: जिनके पास कालाधन है वही लोग चुनाव लड़ते हैं और जीतते भी हैं। क्योंकि जनता को मजबुर होकर साँपनाथ अथवा नागनाथ में से किसी एक को चुनना ही पड़ता है। इसलिये आज क्राफ्ट थियेटर, सम्पूर्ण देशवासियों की तरफ से सरकार से, समाज व्यवस्था से और न्याय- व्यवस्था से सिर्फ दो मांग करती है। 1. एक कि जिस आधार पर सरकार ने गरीबी रेखा निर्धारित की है; ठीक उसी तरह अमीरी रेखा भी निर्धारित करे। 2. दुसरा कि प्रत्येक नागरिक के लिये मूलभूत ज़रूरतों की गारंटी सुनिश्चित करे।

About the author(s)

Mr. Birendra Rajak
Professional actor, writer, teacher and theater activist.
A professional actor with an experience of acting in more than twenty stages plays in a spam of eight years from 2007 to 2015 and going on. He has worked in TV films, TV serials and movies. Birendra Rajak has also conceptualized KRAAFT studio which is a healing system where acting is used as a methodology. He believes that learning the craft of Acting can help in getting rid of suppressed feelings and emotions and leads one towards better psychic health. Actor has an impact on society particularly the youth hence; he/she should be morally and socially responsible. He has been a student of Yoga, Tantra and Spirituality and has realized the potential of Acting and a means of self-development. His lectures and workshops are conducted and organized by various NGO’s, schools, colleges and management institutes.

Book Details
Publisher: 
KRAAFT STUDIO
Number of Pages: 
34
Dimensions: 
A5
Interior Pages: Black & White
Binding: Paperback (Saddle Stitched)
Availability: In Stock (Print on Demand)
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