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कल्पना की उड़ान  (eBook)

कल्पना की उड़ान (eBook)

Kalpna ki Udaan

by रोहित बावा 'अश्क' (1 review, add another)
Type: e-book
Genre: Poetry
Language: Hindi
Price: Rs.50.00
Available Formats: PDF Immediate Download on Full Payment
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Description of "कल्पना की उड़ान (eBook)"

कल्पना की उड़ान एक अभिव्यक्ति है अपने अंदर के पंछी को काल्पनिक बादलों में विचरण करने देने की आज़ादी की | आपके, मेरे, हम सबके अंदर पंख लगा एक ऐसा पंछी है जो सांसारिक कलेश और प्रथाओं से कहीं न कहीं दुखी है और खुद को बंधा हुआ महसूस करता है | आपकी कल्पनाओं पर सवार आपके अंदर का वही पंछी कहीं उड़ जाना चाहता है |
इस कविता संग्रह में आपको ऐसे कई रस मिलेंगे जो आपको उन बादलों की सैर करायेंगे |
उन बादलों के पार जहां हमारा घर है जहां से हम आए हैं और जहां हमें आखिर में जाना है की झलक आपको मेरी रचनाओं में नज़र आयेगी |
इस उड़ान की चाह आप में, मुझ में, हम सब में है-शायद आप मेरे साथ वह सैर कर सकें जो आपको बादलों के पार ले जाए | इसी आशा के साथ प्रस्तुत करता हूं एक आम संवेदनशील आदमी की कल्पना की उड़ान |

About the author(s)

समन्वय के बाद कल्पना की उड़ान मेरी दूसरी कोशिश है |
मैं भी आप ही की तरह भीड़ का एक हिस्सा हूं, आप मुझे कहीं भी देख सकते हैं |
भीड़ में से कोई चेहरा उठा लीजिए
भीड़ में से कोई भाव उठा लीजिए
भीड़ में से कोई मजबूरी उठा लीजिए
भीड़ में से कोई चाह उठा लीजिए

वह चाह जो कल्पनाओं में रहना चाहती है और जानती है कि संसार की धरातल कठोर है – गिरने पर चोट लगेगी| इसलिए अपने पंखो को खोल कहीं उड़ जाना चाहती है |
मैं आप सब के अंदर की वही चाह हूं |

Book Details
Availability: Available for Download (e-book)
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Reviews of "कल्पना की उड़ान (eBook)"
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Comments

Re: कल्पना की उड़ान (e-book) by engineertarun
28 August 2012 - 11:47pm

Many many congratulations plus many many thanks too big brother k aapne finaly intezaar ke lamhon ko samapat kar k ek nayi marham ek naya sukoon ek nayi rahat di mujhe or mere jaise hzaron lakhon ko is book is likhai k zariye. Just read preview and now m very eagerly waiting like a dying fish without water when this book will b in my hands..:) ek ek shabad itni khubsurti se sjaya he k just by reading it i felt so much relaxed and so calmed expressing that feeling that coolness is beyond my writing limits..So Thumps up big bro :)

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