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Jangal ke Phool- 1 (eBook)

Jangal ke Phool- 1 (eBook)

"बनफूल" की कहानियाँ: "जंगल के फूल- 1"

by Jaydeep Shekhar (write a review)
Type: e-book
Genre: Literature & Fiction
Language: Hindi
Price: Rs.50.00
Available Formats: PDF Immediate Download on Full Payment
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Description of "Jangal ke Phool- 1 (eBook)"

बँगला साहित्य के सुप्रसिद्ध रचनाकार‘‘बनफूल’’ का रचना-संसार यूँ तो बहुत विशाल है- 14 नाटक, 60 उपन्यास, 586 कहानियाँ, हजारों कवितायें, अनगिनत लेख, कई एकांकी और एक आत्मकथा, मगर वेजाने जाते हैं अपनी पेज भर लम्बी सरस,चुटीली कहानियों के कारण, जो विस्मय के साथ समाप्त होती हैं- जैसे कि एक अच्छा शेर। कहानियों के चरित्र वास्तविक जीवन से लिये गये होते हैं। ऐसे शब्दचित्रों को अँग्रेजी में ‘विनेट’ (Vignetts), अर्थात् ‘बेलबूटे’ कहा जाता है। प्रस्तुत संग्रह में उनकी ज्यादातर कहानियाँ इसी श्रेणी की हैं।

इस प्रथम संग्रह में शामिल कहानियाँ: अमला, पारूल प्रसंग, अपना-पराया, अनजाने में, कली भौंरा और जुगनू, अद्वितीया, रामायण का एक अध्याय, विधाता, राम नाम सत्य है, सनातनपुर के वासी, अलकनन्दा, युगान्तर, नकारे की आत्मकथा, वैष्णव-शाक्त, स्त्री स्वभाव, जगमोहन, मालिक-नौकर, पत्थर का टुकड़ा, जाग्रत देवता और दर्जी।

About the author(s)

रेखाचित्र-छायाचित्र-शब्दचित्र का एक शौकिया चितेरा.

Book Details
ISBN: 
9789351562757
Publisher: 
JagPrabha
Availability: Available for Download (e-book)
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