Rating:
0
जब सपने बन जाते हैं मार्गदर्शक

जब सपने बन जाते हैं मार्गदर्शक

सपने देखना कभी बंद मत कीजिएगा

by रजनीश कान्त (write a review)
Type: Print Book
Genre: Poetry
Language: Hindi
Price: Rs.170.00 + shipping
Preview
Price: Rs.170.00 + shipping

Processed in 3-5 business days. Shipping Time Extra
Description of "जब सपने बन जाते हैं मार्गदर्शक"

यह मेरा पहला कविता संग्रह है। जैसा मैंने अनुभव किया और जिस तरह
से संघर्ष करके लोगों को कामयाब होते देखा, उसे ही मैंने कविता का
रूप दे दिया। हर इंसान हर पल कुछ न कुछ अनुभव हासिल करते
रहता है। उसका अनुभव बहुत कुछ उसके आसपास के माहौल पर,
उसकी सामाजिक-आर्थिक-राजनीतिक पृष्ठभूमि पर निर्भर करता है।
इंसान का अनुभव ही इंसान की सोच तय करता है।

About the author(s)

बिहार के गया जिले के पिछड़े इलाके अमौखर गांव में मेरा जन्म हुआ।
शुरुआती शिक्षा और दसवीं तक की पढ़ाई मैंने अपने गांव में रहकर ही
सरकारी स्कूल से पूरी की। कैरियर की शुरुआत मैंने एक हिन्दी प्रतियोगिता
मासिक पत्रिका से की। कई न्यूज चैनलों में अलग-अलग पदों पर काम
किया। मैंने ईटीवी से न्यूज चैनल में अपना कैरियर शुरू किया। फिलहाल
ब्लॉगर, स्वतंत्र पत्रकार, रचनात्मक लेखक और अनुवादक के रूप में
कार्यरत।

Book Details
Publisher: 
Pothi.com
Number of Pages: 
112
Dimensions: 
5 inch x 7 inch
Interior Pages: Black & White
Binding: Paperback (Perfect Binding)
Availability: In Stock (Print on Demand)
Other Books in Poetry
ADAVI EDADA
ADAVI EDADA
by KANNA
Ehsaas
Ehsaas
by Navneet
PARWAZ
PARWAZ
by Vaibhav Shukla
अमृत  धारा
अमृत धारा
by डॉ .सतीश चन्द्र झा
Reviews of "जब सपने बन जाते हैं मार्गदर्शक"
No Reviews Yet! Write the first one!

Payment Options

Payment options available are Credit Card, Indian Debit Card, Indian Internet Banking, Electronic Transfer to Bank Account, Check/Demand Draft. The details are available here.